ऐसे समय में जब पूर्णिया में जंगल, धान और मछली के साथ प्रेम भी कम होता जा रहा है, हमें पूर्णिया के उस अंग्रेज कलक्टर को याद करना चाहिए जिसने स्थानीय युवती से प्रेम किया था. वैलेंटाइन डे के दिनों में युवा पीढ़ी को जानना चाहिए कि अपने उस प्रेम में आकर कलक्टर डुकरैल ने किसानों का लगान माफ कर दिया था.